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शनिवार, 23 दिसंबर 2017

बाल कविता- पोथी

बाल कविता-268
पोथी

पोथी हमर मोटगर डटगर
रंग-विरंगक सभटा आखर
बढ़बै सदिखन हमर ज्ञान
बसथि एहिमे सभ भगवान

सुन्दर-सुन्दर फोटो पारल
सूरज चान तरेगण छारल
मकै गहुँम आ हरियर धान
पोथीमे उतरल छै खरिहान

देश-विदेशक बतबै हाल
बदलै आबिते नैका साल
सभकेँ बनबै छै विद्वान
हमहूँ बनबै पढ़ि गुणवान

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