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बुधवार, 22 मई 2013

उत्तरक खगता

विहनि कथा -25
उत्तरक खगता

-पापा, अखबारमे बड छपै छै भ्रुण हत्याक बारेमे ।ई की होइत छै ?
-बेटा, जनमैसँ पहिने जँ ककरो मारि देल जाइ छै तँ एकरा भ्रुण हत्या कहल जाइ छै ।
-मुदा किए मारि देल जाइ छै ?
-जहिना मच्छर, साँप सन जीवकें खतरा बूझि लोक मारि दै छै तहिना भ्रुणोकें . . .
-(बीच्चेमे बात लोकैत) से तँ बुझलियै, मुदा जनमसँ पहिने केहन खतरा रहैत छै ?
-पढ़ाइ कर ।ई सब एखन नै बुझबें ।
-अच्छे एकटा बात कहू ।खाली कन्ये भ्रुणकें किए मारल जाइ छै ।बालककें किए नै ? की एकरासँ खतरा नै होइ छै ।

ई सूनि पापाकें किछु नै फुरेलै ।एकटा छोट नेनाक प्रश्नक उत्तर ओकरा लऽग नै छलै ।उत्तरक खगताक अनुभव भऽ रहल छलै ओकरा ।

अमित मिश्र

2 टिप्‍पणियां:

  1. अमित जी, अहांक कृति लघु जरूर होइत अछि मुदा असर बड्ड लंबा होइत अछि

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  2. एतेक नीक-नीक टिप्पणी देबाक लेल हार्दिक धन्यवाद झा जी

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