बाल कविता-63
अंशु बनि पसरि जाएब
कखनो कोरामे गाबैत हम
कऽ टऽ कऽ कखनो बाजैत हम
छी कोमल कमलक फूल मुदा
पाथर धरि कखनो फोड़ैत हम
देशक माँथ सजल हम पाग छी
कुल-खानदानक हमहीं भाग छी
छी भूत-भविष्य-वर्तमान हम
जन-जनकें जोड़ैत ताग छी
अंशु बनि हम तँ पसरि जाएब
सभक हित लेल हम चतरि जाएब
छी छोट मुदा अज्ञानी नै
खसितो-खसितो सम्हरि जाएब
अछि सप्पत हमर हारब नै
बिनु गलती ककरो मारब नै
बरु आगियेपर महल गढ़ब
मुदा घर ककरो जारब नै
सत्त बाटपर सदति बढ़ैत चलब
जीवन भरि हँसबैत हँसैत चलब
माएक दूधक सब कर्ज उतारि
देशक लेल सदिखन लड़ैत चलब
अमित मिश्र
अंशु बनि पसरि जाएब
कखनो कोरामे गाबैत हम
कऽ टऽ कऽ कखनो बाजैत हम
छी कोमल कमलक फूल मुदा
पाथर धरि कखनो फोड़ैत हम
देशक माँथ सजल हम पाग छी
कुल-खानदानक हमहीं भाग छी
छी भूत-भविष्य-वर्तमान हम
जन-जनकें जोड़ैत ताग छी
अंशु बनि हम तँ पसरि जाएब
सभक हित लेल हम चतरि जाएब
छी छोट मुदा अज्ञानी नै
खसितो-खसितो सम्हरि जाएब
अछि सप्पत हमर हारब नै
बिनु गलती ककरो मारब नै
बरु आगियेपर महल गढ़ब
मुदा घर ककरो जारब नै
सत्त बाटपर सदति बढ़ैत चलब
जीवन भरि हँसबैत हँसैत चलब
माएक दूधक सब कर्ज उतारि
देशक लेल सदिखन लड़ैत चलब
अमित मिश्र
Apnek phone number chahi. Atyant neek lagal apnek rachna. Kich jankari chahi apne sa.
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