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गुरुवार, 26 दिसंबर 2024

हमर अंगा हमर पेंट

7.03 हमर अंगा हमर पेंट
हमर जुत्ता हमर सेंट
ककरो नै हम देबै
अपने खूब लगेबै

हमर कुरता हमर गंजी
हमर मोजा हमर टोपी
ककरो नै हम देबै
अपने पहिर लेबै

हमर कोट हमर टाइ
हमर घड़ी नीक बुझाइ
ककरो नै हम देबै
अपने रूप सजेबै

हमर पौडर हमर क्रीम
हमर चश्मा छी सौकीन
ककरो नै हम देबै
अपने मोन जुड़ेबै

बुधवार, 22 जनवरी 2020

नानीक कुकुर

5.62
कुकुर एकटा पोसलक नानी
भानस   घरमे    घुसलै   ओ
तामसे नानी ने  देलकै  रोटी
एहि   लेल   त'   रूसलै  ओ

चिड़ियाँ

5.61 चिड़ियाँ

हमर आंगन सुन्दर चिड़ियाँ
गहुँम  बिछै  लए  आबै  छै
ल'ग बजाबी जतबे ओकरा
ओतबे   दूर  ओ   भागै  छै
बैस चारपर  गीत  गाबि क'
हमरा    खूब    सिहाबै   छै

ललका फुक्का

5.60 ललका फुक्का

हाथसँ   छूटलै
ललका फुक्का
सीधे उपर   उड़ल जाए
कुदि-कुदि क'
पकड़अ चाही
मुदा दूर ओ भागल जाए

©अमित मिश्र

अरे बाप रे

5.59
अरे बाप रे

सगरो करिया भरल कुहेस छै
अरे बाप रे
कम्बल ओढ़ने  सगर  देश  छै
अरे बाप रे

ओस खसै छै झीसी  बनि क' आंगनमे
बाट भिजै छै ओहिना जहिना सावनमे
एक   बीत  ने  बचल  शेष  छै
अरे बाप रे
कम्बल ओढ़ने  सगर  देश  छै
अरे बाप रे

ख'ढ़ अ'ढ़सँ कुकुरबा  कुहरब  बंद भेल ने
कनकन्नी बिसबिस्सी किछुओ मंद भेल ने
सुरूजक नै किछु लवलेस छै
अरे बाप रे
कम्बल ओढ़ने  सगर  देश  छै
अरे बाप रे

भोंकि रहल छै सुलफा किओ पएर हाथमे
गँती   त'रमे   स्वेटर   बूसट  टोपी   माँथमे
अनमन एलियन सन  भेष छै
अरे बाप रे
कम्बल ओढ़ने  सगर  देश  छै
अरे बाप रे

बात नीक  एक्कहि टा जे  इस्कूल छै बन्दे
सीरक त'रमे पढ़ब लिखब खेलब छै धन्धे
निकलैमे बाहर बड़ कलेस छै
अरे बाप रे
कम्बल ओढ़ने  सगर  देश  छै
अरे बाप रे

जीवन सुखद बनाउ

5.58 जीवन सुखद बनाउ

नै बेसी घबराउ अहाँ
नै बेसी डेराउ अहाँ
बाधा-विध्न वा कठिन समयमे
आगू बढ़िते जाउ अहाँ

ताकू पाछू घुरि ने अहाँ
काज निमाहू सुरिमे अहाँ
साधि निशाना चलू लक्ष्यपर
नै बेसी भरमाउ अहाँ

चिन्हू असली मीत अहाँ
बाँटू सगरो प्रीत अहाँ
गलत बाटपर चलि रहलै जे
तकरासँ बचि जाउ अहाँ

हँसैत-खेलैत रहू अहाँ
चंचल बनि क'  चलू अहाँ
आलस मोनक सभ मेटा क'
जीवन सुखद बनाउ अहाँ

ध' ले बौआ कानमे

5.57 ध' ले बौआ कानमे

अपन देशक नाम उँच होइ
एतबे टा बस ध्यानमे
अपन तिरंगा फहरैत रहय
ई निलहा असमान मे

सभसँ आगू नाम एकर होइ
सभटा अनुसंधानमे
बृद्धि सदिखन होइते रहय
लुरि बुधि आ ज्ञानमे

प्रेम भिव केर लत्ती पसरय
आंगन संग दलानमे
झूठ-फरेब मद मोह ने रहय
देशक सभ संतानमे

भरि दुनियाँक शीष झुकल हो
भारतक रण मैदानमे
एक पाँतिमे ठाढ़ रहय सभ
एहि देशक सम्मानमे

बात एकटा  बौआ बुच्ची
ध' ले अपन कानमे
विश्व मुकुट भारत बनि रहय
जुटि जो ई अभियानमे

मैथिली बाल कविता - सैनिक

5.56 सैनिक

हमर तोहर सभक रक्षा, लेल के प्राण गमाबै छै ?
के छै वीर मनुख जकरा, किछु ने डर सताबै छै ?

माए-बापसँ नाता तोड़ि
जाइ छै के मुँह मोड़ि क' ?
भाइ-बहिनसँ मुँह नुका
जाइ छै के घर छोड़ि क' ?
अपन पैरपर जाइ बला के, ओढ़ि तिरंगा आबै छै ?
हमर तोहर सभक रक्षा, लेल के प्राण गमाबै छै ?

बड़ संयमसँ अपन भावना
रखै के मोनमे दाबि क' ?
कोमल हियाकेँ बज्र बनेने
मगन के मृत्यु पाबि क' ?
अपन ठोर के माहुर घसि, सभक ठोर मुस्काबै छै ?
हमर तोहर सभक रक्षा, लेल के प्राण गमाबै छै ?

ककरा छै बस एकहिं इच्छा
रहय   शान्ति    सभ  गाममे   ?
अमर शब्द जोड़बै लए तत्पर
के   छै      अपन     नाममे    ?
मातृभूमिपर सभ त्यागि के , सैनिक वीर कहाबै छै ?
हमर तोहर सभक रक्षा, लेल के प्राण गमाबै छै ?

मंगलवार, 13 अगस्त 2019

भोर

5.55 भोर

धरती चमकय
कौआ कुचरय
किए करैए शोर

शीतल हवा
चान पड़ाएल
लागय भेलै भोर

ललकी दिनकर
उगलै नभपर
पसरल खूब इजोर

आलस छूटल
काजमे लागल
आनंदे चहूँ ओर

मीट्ठू राम

5.54 मिट्ठू राम

अहींक जातिक बाँकी बहुते
बुधि बिना सभ मुर्ख चपाठ
कोन गुरूसँ शिक्षा ल' क'
अहाँ पढ़ै छी सुन्दर पाठ ?

सीख कत'सँ टाहि मारै छी
राम राम जय सीता राम ?
बाजि दिऔ यौ मिट्ठू राम

नहि पिंजरामे नीक लागैए
अहाँ उड़ै छी नील अकास
मधुर कंठसँ गीत गाबै छी
सिखलौं कत' एहन भास ?

मिरचाइ बहुते नीक लागैए
किए खाइ ने अहाँ आम ?
बाजि दिअ यौ मिट्ठू राम

मीत

5.53 मीत

जग भरिमे नै नाता कोनो
सुन्नर अपन मीत सन
जीवनमे छै खूब जरूरत
छंद लय आ गीत सन

कठिन समय आबैए जखन
मोन पड़ैए मीते टा
सभटा दुख मेटाबय मीता
बाँटैए ओ प्रीते टा

नीक-बेजाए सभ बात कही
बस मीतेकेँ कानमे
मीते सरस जीवन बनबैए
बाँकी सभ इंसानमे

मच्छर मार अभियान

5.52 मच्छर मार अभियान

ठीक अधरतिया सभ छल सूतल
भेलै  तखने  शोर
सगरो    घर   अनघोल  भ'   गेलै
ताली बाजल जोर

बहुत   नीक  छल  सपना तखन
छलहुँ चानक पार
सुग्गा  जकाँ  अकासमे  विचरण
छल परीक संसार

ओहि  तालीसँ  नीन  उचटि गेल
जागल मम्मी सेहो
ताली   बजबैत   हकमैत   पापा
कूदै छल बड देहो

मम्मी   पुछलक   अधरतियामे
किए बजाबी ताली
मच्छर मार अभियान चलल छै
बुझलौं यै घरवाली

बड़का आफति

5.51 बड़का आफति

पापा जी लेल चाट पकौड़ी
हमरा लेल छै दूध आ दालि
टी.वी. देखैत हुनका देखिते
सतमे फाटय हमर मालि

मम्मी सेहो निफिकिर छै
भरि दिन चलबै छै मोबाइल
बड़का भैया भरि दिन घुमै
नीक लागय नै ओकर चालि

सभ रहै छै बड मस्तीमे
बात कहै छी हम भितरका
हमरे स्कूल जाए पड़ै छै
छै इएह त' आफति बड़का

वानर जीक पकौड़ी

5.50 वानर जीक पकौड़ी

बाहर बर्षा बरसि रहल छल
भिजैत वानर घरपर पहुँचल

वनरनीसँ   कहलक  वानर
बड सुन्दर मोसम छै बाहर

थरथर थरथर देह काँपैए
गत्तर गत्तर जाड़ लागैए

एहि मोसममे सुआद आनू
गरमा गरम पकौड़ी छानू

वनरनी तामसमे बाजल
लागि रहल भेलौंए पागल

बेसन प्याज जँ नै आनलौं
कोन मुँहसँ ई सभ बाजलौं

वानर जीक मुँह भेल बंद
सुन्दर मोसम भ' गेल मंद

नानीक दबाइ

5.49 नानीक दबाइ

तामससँ छै  सूरज  लाल
बुझा रहल पड़तै अकाल
गरम भेल छै एसी  फ्रीज
वर्षो छै बनि गेल सवाल

गरम हवा आ  गरमे पानि
लह लह  लू करै   छै हानि
डोलि रहल ने एकटा पत्ता
कोन उपाय करी नै जानि

एहिनामे  चलि  एलनि नानी
हम  कहलियै  सभ  कहानी
उपाइ देलनि ओ बहुते नीक
रहय आब ठंढ़ा घैलक पानी

कहलनि गाछ लगाबू आइ
एहि  रोगकेँ    इएह   दबाइ
हम त'  खेलौं सप्पत तखने
संग   अहाँ   देबै  ने    भाइ

बढ़ियाँ बौआ

5.48बढ़ियाँ बौआ

बैस समय नै व्यर्थ बिताबय
काज तुरत अपन सरियाबय
बढ़ियाँ बच्चा वएह कहाबय

झगड़ा-तगड़ा जे नै करय
प्रेम-भावसँ हिलमिल रहय
बढ़ियाँ बच्चा वएह बनय

माएक-बाबूक बात जे मानय
ने जिद करय ने कखनो कानय
बुझनुक बच्चा वएह कहाबय

सभक सम्मानक ध्यान राखय
झूठ-फूसिकेँ छल जे नै माखय
सभक स्नेहक स्वाद ओ चाखय

की देखै छी ?

5.47 की सिखै छी ?

की देखै छी ?
ह'र देखै छी
घ'र देखै छी
बैसल बरदक
ग'र देखै छी ।

की करै छी ?
रेल बनै छी
खेल खेलै छी
संगी सभसँ
मेल करै छी ।

की सिखै छी ?
जते पढ़ै छी
तते गुणै छी
सभक क'हल
हम करै छी ।

की बनै छी ?
भोर उठै छी
योग करै छी
मेहनत क' क'
निरोग बनै छी ।

सत्य

5.46 सत्य

सत्य बाजि क' जिनगी काटअ
ऋषि-मुनि कहि गेल
झूठ बाजि जे जिनगी बितबय
बड़का पापी भेल

नामी   राजा    हरिश्चंद्र केर,
नाम सत्य लेल जानैए
सत्य सभ ठाम विजय रहै छै
भरि दुनियाँ  ई  मानैए

सत्य अहिंसा गाँधी जी केर
शस्त्र छलै आजादीमे
झूठ बाजि जे दिवस गमाबय
पड़ल बुझू बर्बादीमे

सत्य   भाव  विश्वास  बढ़ाबय
आउ  एकर   संधान करी
झूठ अलोपित भ' जाए जगसँ
आउ एहन अभियान करी

नित दिन भोरे भोर

5.45 नित दिन भोरे भोर

सुग्गा-मैना गीत गबैए
लाल-पीयर फूल फुलाइए
ललका सूरज पूब उगैए
नित दिन भोरे-भोर

जीव-जंत सभ झुमि उठैए
धरती नव श्रृंगार रचैए
चान-तरेगण दुबकि रहैए
नित दिन भोरे-भोर

समयक सुइया चलि पड़ैए
नव काज सभ माँथ चढ़ैए
नव शक्तिक संचार करैए
नित दिन भोरे-भोर

अबीर गुलाल

5.44 अबीर गुलाल

झुमकी चुमकी  देखबैत एलै
बड़ा गजब छल ओकर चाल
छुटकी संग    बलजोरी भेलै
चुटकी    भेलै   लाले    लाल
खूब    उड़ैए    अबीर गुलाल

रधियाकेँ  बुचिया  ध'  लेलक
सीधे  बाल्टी  रंग   उझललक
सभटा ओलि  सधाबय सोनी
भेल  छलय  जे  परूँका साल
खूब    उड़ैए   अबीर   गुलाल

सोनू   हरियर    रंग  ल'   एलै
इम्हर  मोनू   तंग     भ'   गेलै
मुँहपर     एते   रंग   रगड़लक
फूलि   लटकलै   ओकर गाल
खूब   उड़ैए    अबीर   गुलाल

रोहित   हाथ  नाचै पिचकारी
भेल   फुक्कासँ      मारामारी
सुमन  भुवन   सभ बाजै छलै
मोन    रहत एहि बेरका साल
खूब   उड़ैए    अबीर   गुलाल

लागै   इन्द्रधनुष    छै  उतरल
सगरो   धरती    रंगे    पसरल
प्रेम   भाव  केर  पावनि होली
भाइचारा   सभ   ठाम बहाल
खूब   उड़ैए   अबीर    गुलाल

2019/03/20 21:15