जो गे दाइ तोरा इहे कपारमे
मन मजगूत कर, आब ने तूँ डर
पूरा कर सब बिध वेवहार
जो गे दाइ तोरा इहे कपार मे
नवका गीतक मुखड़ा
जो गे दाइ तोरा इहे कपारमे
मन मजगूत कर, आब ने तूँ डर
पूरा कर सब बिध वेवहार
जो गे दाइ तोरा इहे कपार मे
नवका गीतक मुखड़ा
मिथिला राज्य क्रांति गीतक किछु पाँति
ककरो बात सुनब नै आब, नै करब ककरो हम काज
अपन माँथपर चाही हमरा, आब अपन ताज
दिअ मिथिला राज, दिअ मिथिला राज-2
हमरा सन धरती नै ककरो, मिठगर भाषा और कतय
हरियर लहलह खेत हमर अछि, कलकल कमला धार एतय
ककरो मूँह ताकब नै आब, नै करब ककरो हम काज
अपन माँथपर चाही हमरा, आब अपन ताज
दिअ मिथिला राज......................
अमित मिश्र
अपन बाल एकांकि" अधिकार" लेल लिखल ई गीत
गीत
पढ़ल लिखल बौआ बुदरूक, आब छै अपन समाजमे
लुरिगर बुधिगर सभक धिया, छैक निपुण सब काजमे
एकटा बेटी संतोष यादव, हिमालयपर चढ़ि जाइ छै
दोसर बेटी किरण वेदी, पुरुखोसँ अगुआइ छै
कोनो जादू भरल लताकेँ, मिठगर सन आवाजमे
लुरिगर बुधिगर . . . . .
हमर महिला सैनिक एसगर, सीमापर लड़ि जाइ छै
देख धियाकेँ ऊँच गगनमे, सभक मन हर्षाइ छै
बाबू अहाँक सुलेखा चमकत, कुल-खानदानक ताजमे
लुरिगर बुधिगर . . . . . .
अमित मिश्र
मिथिला वर्णन गीत
साँझ पराती जतऽ सुन्दर तान, ओहि मिथिला के अछि हमर प्रणाम
जाहि ठाँ सल्हेस राज भेलैये, विद्यापति के गाम यौ
साँझ पराती.......
आमक गाछपर झुल्ला जाहि ठाँ, नेना भुटका झूलै छै
ठुमकि ठुमकि कऽ सिया बहिनियाँ, आंगने आंगने बूलै छै
जाहि ठाँ ललायित भेल छथि राम, ओहि मिथिला...................
उदयन धर्मक धुजा उठेने, सगरो लाज बचाबै छै
जाहि ठाँ विदुषी भारती सन के, बेटी-पुतौह बनि आबै छै
जाहि ठाँ के चाकर शिव भगवान, ओहि मिथिला के............
सब मिल* जतऽ गीत सुनाबय, छन्द अमितक भावै छै
विद्यापति केर अरजल मैथिली, किर्ति धुजा फहराबै छै
जाहि ठाँ छै अनुपम माँछ आ मखान, ओहि मिथिला के ...........
अमित मिश्र
*गायकक नाम देल जाएत
एकरा गयबाक लेल संपर्क करू ।बिना अनुमतिक एकर प्रकाशन वर्जित अछि ।
गीत
हे कान्हा जुनि टेरू मुरली तान-2
सुनिते टेर मधुर वंशी के-2
धक धक धड़कय जान
हे कान्हा जुनि टेरू मुरली तान
1
फुटि गेल गगरी दूध उनटि गेल, चुनरी उड़ल कोन ठाम-2
नाचय पैर करय मन छटपट-2 पहुँचय धुन जँ कान
हे कान्हा जुनि टेरू मुरली तान
2
काज अपन सब छोड़ि क' हम सब, आबि गेलौं तोहे पास-2
लाजे निखरि गेल रूप हमर पुनि-2 रासक भेल ओरियान
हे कान्हा...
3
बिनु देखने मम मोन लगय नहिं, भेटय ने किछु आराम-2
सखि गोपियन सब ठार कदम तर-2 देने अहीं पर ध्यान
हे कान्हा...........
4
हर
हैर लेलौं हरी सब के चितवन, भेलौं अहाँ चितचोर
हैर लेलौं हरी अन्नू के चितवन, भेलौं अहाँ चितचोर
अमित शरण गहि लेल हे नटवर-2 लियौ कनेक सज्ञान
हे कान्हा......
अमित मिश्र
विरह अगिनमाँ लागल हमरा, हम त' रहलौं सुनगैत यै
क' क' छलनी हमर हियाकेँ चलि देलौं अहाँ मुस्कैत यै
1
कोना बाजल गेल अहाँकेँ बोली एहन कठोरगर यै
दिलसँ निकलय खून, द' देलौं घाव एहन त' भरिगर यै
हम मौलाएल फूल भ' गेलौं, अहाँ रहलौं खिलैत यै
क' क' छलनी हमर हिया..............
2
कतेक जतन सँ अहाँ केँ रखलौं मन मंदिरमे बैसा कए
प्रेम हमर नै देखल अहाँ, देखलौं केवल पैसा कए
अहाँ मातल मधुर हँसीमे, हम त' रहलौं सुनगैत यै
क' क' छलनी हमर हिया.........
3
आब करब विश्वास ने कहियो, द' गेलौं यै सीख एहन
जकरा भीतर स्वर्थ भरल हो, ओकरा लेल फेर शोक केहल
हम त' रहलौं याचक बनि क',अहाँ रहलौं मोलबैत यै
क' क' छलनी.........
गीत
पिया जी रहै छै घूसल, हरदम ह्वाटसेप पर
फेसबुक बाला एप पर ना
1
राखै छथि घरपर नै ध्यान, जाइ के छलै आइ दोकान
खतम भ' गेल सबटा आटा, नै छै राशन केर समान
आटा चक्की ताकै छै, गूगल बाला मैप पर
फेबबुक बला एप पर ना
2
पहिने करथि हमरा प्यार, ल' जाइथ घूमै लेल बजार
आब घोंटैथि खूब मोबाइले, बन्द क' घरक सब केबार
पित्ते माहुर होइ मन, पिया संगे गैप पर
फेसबुक बाला एप पर ना
3
दूनू बच्चा भेल अबारा, आब उप्पर बाला के सहारा
पहिने करै छलथि माहटरी, भेलथि नम्बर एक नकारा
नाचै छथि अपने ताले, जियो बाला रैप पर
फेसबुक बला एप पर ना
अमित मिश्र
एहि दुनियाँमे किछु नै स्थिर, एहि ठाँ सब किछु नश्वर छै
सगर असत्यक लहर बीचमे सत्य एकटा ईश्वर छै
1
गारा- गारी मारा-मारी सब लफड़ा छै जीवन लए
झूठ-फरेबक चाल चलैये, केवल जिनगी नीमन लए
जा धरि जीवय धन अरजैके, चिन्ता साझ आ भिनसर छै
सगर असत्यक लहर.....
2
तोड़ि पिंजरबा उड़त चिड़ैयाँ, कखन से नै जानै छी
खुशहाली केँ बेरमे भैया, इश्वरकेँ ने गुदानै छी
खन वसंत खन पतझड़ आबय, कोनो फिकिर ने तक्कर छै
सगर असत्यक.....
3.
करू यौ सब दिन अहाँ भजनिया, स्वर्ग धरिक बटखर्चा लए
सदति रहू तैयार मनुज सब, जीवनक अंतिम पर्चा लए
कालक डाँग देखय नै कखनो, के मोटका के दुब्बर छै
सगर असत्यक....
आइ एकटा गीत परसि रहल छी ।नीक-बेजाए अहाँ सब कहब से आशा अछि
गीत
भाग रचलनि विधाता ई केहन हमर
हमर अपने बनल अछि दुश्मन हमर-2
लोक हँसि क' पराण हमर ल' जाइये
मीत अपने बड भारी दुख द' जाइये
छूबी सोना जँ हम त' ओ माटी बनय
हित जकरा करै छी ओ अहित करय-2
हमर मुस्की धरि नोरे टा भ' जाइये
मीत अपने .......
देख हमरा बसातो त' रस्ता बदलय
छोड़ि घर हमर मेघ सगरो बरसय-2
भोर जिनगीक हमर राति भ' जाइये
मीत अपने.......
कौआ कुचरय ने हमरा लए चिट्ठी आनय
घात सहि क' हमर मन भ' विह्वल कानय-2
बिन सिनेहक सब उलहन द' जाइये
मीत अपने......
चाँद के ई अनुप रूप देखते-2
नैन झुकायल नै जाए .मन रोकल नै जाए
दाग चन्नामे होई छै तैयो .
हमर चाँन त' सच मे बेदाग छै
चमकैत लाल गाल देखते-2 नैन झुकायल नै जाए . . . .
बोली सरगम सुनाबै यै सदिखन .
केश कारी सँ' झहरैत फुहार छै
मद-मस्त भरल यौवन देखते-2
नैन झुकायल नै जाए . . . . .
कोन ठाम सँ' आयल ई परी
आई लुट' लेल दिल के खजाना
अमित बहकल ई तिरछी नजैर सँ'
मन रोकल नै जाए नैन झुकायल नै जाए
BY-AMIT MISHRA
लोग जगमे करैये यौ लिल्ला कते
हम मोहन बनि राधाकेँ तकलौं कने
अहाँ दुश्मन हमर बनि गेलियै
प्रीत केलियै त' कोन जुलुम केलियै
बिलखि बिलखि कऽ कानैये माँ बेटा
छूटैये अंचराक कोर हे
ममताक अंगुर छोड़ा कऽ ने जाउ,
बनु ने माँ एतेक कठोर हे
नव दिन नव नव भोग चढाओल
कोना सहब हम बिछोह हे
आँचरसँ खेल माइ नेह जे पाओल
जुनि करू हमरा लिलोह हे
कोना चैन एतै माइ अहाँ बिनु जगत मे
बहै ये नैना सँ नोर हे
कोना कऽ रहब माइ, कहत लोक टुगर
राखत के हमर ध्यान हे
कोना कऽ सहब दुख, करब नै विदाइ
अहाँ बिनु हमर नै पहचान हे
कलशा उठाइ कोना धरू धीर आइ
हमर दुखक नाही ओर हे
अहाँक दरश के माँ अन्तीम वेला
सघन भरल अछि भीर हे
कहुना कऽ माइ तोर प्रतिमा उठाओल
भेल अशोक मन अधीर हे
कहैये सुबोध जुनि बिसरब अमित के, तोडब ने ममता के डोर हे
सबके असरा तुहीं पुरेलें, तोरेसँ बंगला कार गै
हमहूँ तोरे बेटा छियौ माँ कअरें ने हमरो दुलार गै
आबि रहल छौ भगता तोहर, करअ खातिर दर्शन गै
अरहूल माला लेने डाला, एलौ करै लए वन्दन गै
पूजा करै छौ सब नर नारी, करै छौ जयकार गै
हमहूँ तोरे बेटा छियौ............
जुनि रूसें तूँ हमरा सँ, कहबै हम जा ककरा गै
मारय ताना पूरा जमाना, सब के सब सँ रगड़ा गै
तोर दया सँ दुनिया चलै छै, कर ने कनियो विचार गै
हमहूँ तोहर बेटा छियौ...............
मोहन मिश्रा गाबै छौ गाना, विनती करै छौ जननी गै
अमित मिश्रा माँगै छौ अचरा, हरि ले सबटा कननी गै
जगजननी दुखहरनी दुर्गा, तूँ हीं सब के आधार गै
हमहूँ तोरे बेटा छियौ माँ......
तर्ज- फेसफुक पर तोहर फोटो देखलियौ
जीबै कोना तोरा बिन गे गोरिया जीबै कोना तोरा बिन
बतिया बढाबें कने, जलवा देखाबें कने, लअगमे आबें कने रे
अँखायाँ मिलाबें कने, सिग्नल देखाबें कने, मनमाँ झुमाबें कने रे
तँहीं-3 हमर जान गे-3
तोरे खातिर दऽ देबौ हम परान गे परान गे परान गे
तूँहीँ छहीं हमर जान गे
तोरे खातिर दऽ देबौ हम परान गे
ई गीत , हम कहैत छी, गाओल ने जाइ छै
खिस्सा अपन प्रेम के लिखल ने जाइ छै
जे मीत छल हमर ओ तऽ देलक धोखा
जे घाव अछि मोन मे, पोसल ने जाइ छै
छोड़बैक रहितै पीछा, जहरो छोड़ा दितै
ई जुल्मी याद जुल्मी के छोड़ल ने जाइ छै
किछु लोक रोकि लेलक निज जान दै सँ अमित
ई नोर नयन कुंड के रोकल ने जाइ छै
हे जगजननी मैया, कने विपदा हमर हरू
यै मैया एतेक नै देरी अहाँ करू
ककरासँ कहबै किओ बात नइ सुनतै
बेटा के दूख अहाँ बिन किओ नै बुझतै
हे महरानी मैया, रानी हमरो कष्ट हरू
यै मैया..........
निर्धन के धऽन देलियै कोढ़िया के माँ काया
टूगर छी हम तैयो लागै नै ये माया
जय जय काली दुर्गा, मैया झोली हमर भरू
यै मैया........卐卐
दै छी निमंत्रण करियन गाम माँ एबै
पुत्र अमित पर कनिये ध्यान अम्बे देबै
सब भगता तऽ बाजय, मैया हमरो अरज सुनू
यै मैया.....卐......
पु॰- रै छौड़ा हेट करबौ तोरेसँ
स्त्री- चुगला सन छौ मुँह तोहर
कारीख माँगबौ तोरेसँ
गै छौड़ी. . . . .
रे छौड़ा . . . . . . .
स्त्री- लाज नै आबै छौ निर्लज्जा, डूबि जो चुल्लू भरि पानीमे
पु- भऽ कऽ दूर हमरासँ गोरिया, आगि लगाबें जवानीमे
सच कहै छी हम गै गोरिया, पप्पा बनबौ तोरेसँ
रै छौड़ा . . . .
गै छौड़ी . . . .
पु- छमिया सब किओ कहै छौ तोरा, बात सूनि ले जवानाकेँ
स्त्री- झारू लऽ कऽ झाड़य आबैए, तोरा एहन दिवानाकेँ
अपन वियाहमे रौ निमोछा, झारू लगबेबौ तोरेसँ
गै छौड़ी . . .
रै छौड़ा . . .
पु- सीधा सीधी मानि जो गोरिया, नै तँ लऽ कऽ भागबौ गे
स्त्री- छू कऽ कने देखा दे मुँहझौंसा, गरम लोहासँ दागबौ रे
पु- जे करैक छौ कऽ ले सजनी, कोहबर घर जेबौ तोरेसँ
रै छौड़ा हेट. . .
गै छौड़ी लभ . . .
आबि तऽ गेलै, दशमी के दिन, चलि जेती आइ मम माइ हे
फाटय छाती ,डेगो उठय नहि, कोना कऽ करबै विदाइ हे
दिन प्रथम छल शैलपूत्री, मैया के धेलौं जे ध्यान हे
पूत्री हिमालय के, गेली हिमालय, तोड़ि कऽ मोह सब आइ हे
ब्रह्मचारिनी माँ तऽ, चलिये गेली, कऽ देली जगके विरान हे
कोन कसूर, छल कहू मैया , केलौं अनाथ आइ हे
कहलौं जे रूकू, चंद्रघंटा मैया, अहूँ तऽ भऽ गेलौं आन हे
जीवन करूण भेल, पसरल रूदन माँ, काटबै कोना दिन माइ हे
रचलौं जे श्रृष्टी, कूष्माण्डा मैया, पूजैये सगरो जहान हे
भेलौं माँ निष्ठुर, केलौं जगतके, सुनसान कोना कऽ माइ हे
कतबो गोहरेलौं, स्कन्द माँ के, दलौं ने बातपर कान हे
सुख-शान्ति दऽ कऽ, देलौं माँ कतऽ, दर्शन लय तरसय मन आइ हे
नैनामे नोर , देलौं कात्यायनी, चलि गेलौं छोड़ि कऽ गाम हे
कष्ट बड भारी, भऽ गेल जननी, ममता ले कतऽ बौआइ हे
कालक नाश, करू कालरात्री, अहाँ तऽ होइयौ सहाय हे
डोली घुराउ, जुनि अहाँ जाउ, बनू ने अम्बा कुमाइ हे
आठम महागौरी, सुनू अरज मोरी, पूरा करू ने सब काज हे
बालक अवोध, हम छी हे मैया, करू ने कोनो उपाइ हे
सुनू हे दुर्गे, सिद्धिदात्री मैया, बिसरब ने जतरामे जाइ हे
सेवक अहींके, अमित महंथ,गहलक चरणियाँ माँ आइ हे
यै माँ बिसरि ने जेबै, दशमी के दिन जा कऽ
बेटा कहैये एबै, डोली फेरो सजा कऽ
कुम्हरा देलक माँ कलशा, अरहुल देलक मलिनिया
पंडित बजा कऽ केलौ, नौ दिन हम पुजनियाँ
से ध्यान मैया रखबै, ममता अपन देखा कऽ
यै माँ.......
एलै कठिन समैया, दुनिया भेलै कसैया
फँसलौं भंवर मे हम, उबडुब करैये नैया
नाता अहूँ ने तोड़बै, हमरा टुगर बना कऽ
यै माँ.......
नैना बहै ये नीर, मन भेल बड अधीर
माँ बिन जीवन एना, जेना प्राण बिन शरीर
केशव अमित के रखबै, कोरा अपन बढ़ा कऽ
यै माँ.......
गायक-केशव राॅक
एलवम- माँ के वन्दना
चलू चलू भैया, चलू चलू भौजी, यै
यै मैया एलखिन ना, सब के बजेलखिन ना, यै
चलू चलू ........
ऊँच पहाड़ पर बैसल दुर्गा, लागल छै पंचायत
सबके सुनथिन अम्बे मैया, हरथिन विपदा शाइत
खुशिया बाटथिन यौ, यौ सबके सुनथिन यौ
चलू चलू भैया..............
लाल चुनर संग लाले चूड़ी, लाले छै मंदीर
दिव्य छवि देख माँ के हर्षित, सब के मोन अधीर
मैया हँसथिन यौ, यौ ममता देथिन यौ
चलू चलू........
साजि लिअ ने डाला माँ लेल, मेवा मिश्री पान
ऊँच सिंहासन बैसल जननी, देथिन सबपर ध्यान
जल्दी चलू यौ, यौ झटकैत चलू यौ
चलू चलू........
तर्ज- सामा खेले चलली
कोना कऽ पूजा पाठ कोना हेतै यौ
सजना यौ कोना हेतै यौ
सजना यौ आबि गेलै छठी के त्योहार से पूजा पाठ कोना हेतै यौ
आदित बाबा सबटा सजनी पार लगेथिन यै
सबटा पार लगेथिन यै
सजनी यै रौणा करथिन पूजा के उपाइ से पूजा पाठ हेबे करतै यै
कोना कऽ आनबै डाला अंकुरी अक्षत यौ
सजना यौ अंकुरी अक्षत यौ
सजना यौ कोना क के आनबै फल कुशियार से पूजा पाठ कोना हेतै यौ
हटिया सँ आनबै डाला अंकुरी अक्षत यै
यै सजनी ठकुआ पूरी हे
सजनी यै खेत सँ लऽ आनबै फल कुशियार से पूजा पाठ हेबे करतै यै
बड देर भेलै सुरूज नै एलनि गगनमा यौ
सजना नै एलनि गगनमा यौ
सजना यौ गेलखिन छठी मैया बिसरि से मैया कोना दर्शन देथिन यौ
जुनि आस छोडू मैया एबे करथिन यै
सजनी यै एबे करथिन यै
सजनी यै बाट मे हेतै किओ और दुखीत से ओकरा ठीक क क एथिन यै
गायक- महंत झा
काँचहिं बास केर डलबा बनायल ताहिपर राखल दुइभ धान हे माँ
लालहिं रंग के चुनरिया मँगायल ताहिपर सजल तारा चान हे माँ
कलशा बैसा कऽ पाठ नित दिन करैत रही, तैयो नै भेल किए मोह हे माँ
कलशा उठाई कोना करब विदाई, धरब कोना आइ हम धीर हे माँ
कोना सहब माइ हम तोर जुदाई, बहै दुनू नैना सँ नीर बे माँ
मन केर दुख जननी तोरा कहैत रही, एक बेर आबि लऽ ले टोह गे माँ
कानै ठौ जैनती आ फूल अरहूल, सुनि ले ने मनीष के पुकार हे माँ
टुअर पुत्र हेतौ माए बिन लिलोह, दऽ दे ने अमित के दुलार गे माँ
विलखि विलखि पूरा दुनिया कहै छौ, होइ छौ ने किए तोरा मोह गे माँ